ग्रीन हाउस प्रभाव का विवरण
ग्रीन हाउस प्रभाव चित्र
पृथ्वी के वातावरण में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड नाइट्रोजन ऑक्साइड तथा मीथेन जैसी गेसौ के कारण पृथ्वी पर तापमान लगातार बढ़ रहा है और यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसे ग्रीन हाउस प्रभाव कहते हैं
ग्रीन हाउस प्रभाव के कारण सूर्य से आने वाले तापमान को पृथ्वी पर रोक तो लिया जाता है परंतु उसका पान का वायुमंडल से बाहर निष्कासन नहीं हो पाता जिसके कारण पृथ्वी के तापमान में वृद्धि होती है और यह ग्रीन हाउस प्रभाव का सबसे बड़ा दुष्परिणाम है
ग्रीन हाउस प्रभाव के कारण
- उद्योगों में कोयले तथा पेट्रोलियम का बढ़ता उपयोग
- वनों का विनाश किए जाने से वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा में वृद्धि हो रही है
- लकड़ी कोयला आदि जीवाश्म इंधन के दोहन से वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ती जा रही है
- रेफ्रिजरेटर तथा एयर कंडीशनर्स के प्रयोग से वायुमंडल में क्लोरोफ्लोरोकार्बन सीएफसी की मात्रा बढ़ती जा रही है
ग्रीन हाउस प्रभाव के दुष्परिणाम
पिछले लगभग 105 वर्षों से वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड नाइट्रोजन ऑक्साइड तथा मिथेन जैसी गैस में लगातार छोड़े जाने के कारण पृथ्वी पर ग्रीन हाउस प्रभाव में वृद्धि हुई है और इस प्रभाव के कारण पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है
- ग्रीन हाउस प्रभाव से सूर्य की तीव्र रोशनी तथा ऑक्सीजन की कमी का प्रतिकूल प्रभाव वृक्षों पर पड़ रहा है
- ग्रीन हाउस प्रभाव के कारण कुछ क्षेत्रों में बाढ़ तथा कुछ क्षेत्रों में अकाल जैसी घटनाएं भी प्राय देखी जा रही है
- ग्रीन हाउस प्रभाव के कारण तापमान में केवल 0 पॉइंट 5 डिग्री सेंटीग्रेड से 1 पॉइंट 5 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान की वृद्धि होने पर विश्व के विशाल हिना नदियां तथा यूटोपिया तेजी से पिघलने लगेगी तथा उसे एक और कुछ समुद्र तटीय मैदानों में बाढ़ आएगी तथा दूसरी ओर सागर का जलस्तर बढ़ने से समुद्र के सैकड़ों दीप पानी में डूब जाएंगे और यह ग्रीन हाउस प्रभाव की सबसे पेन कर स्थिति का आंकलन है
- संसार के सभी वन क्षेत्र तथा काश के क्षेत्र की सीमाओं में परिवर्तन होगा तथा अफ्रीका के रेगिस्तान के भागों में भयंकर अकाल जैसी स्थिति पैदा हो सकती है
- ग्रीन हाउस प्रभाव से कीट जनित बीमारियां जैसे मलेरिया आदि तरह के रोग बढ़ने की संभावना है
- पृथ्वी का तापमान बढ़ने के कारण संसार की 80% जैव विविधता पर खतरनाक प्रभाव पड़ सकता है
ग्रीन हाउस प्रभाव को कम करने के उपाय
- जीवाश्म इंधन का कम से कम उपयोग करना
- वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड मिथेन तथा nitrogen oxide के स्तर को कम करने के लिए अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाए जाने चाहिए
- क्लोरोफ्लोरोकार्बन के प्रयोग को पूर्णत प्रतिबंधित करना होगा
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